जबरदस्त चटनी और चूर्ण के फायदे जान कर आप हैरान रह जाओगे…

पेट की वायु गैस

मट्ठा 

पेट में वायु गैस बनने की अवस्था में खाने के बाद 125 ग्राम मट्ठे में 2 ग्राम अजवायन और आधा ग्राम काला नमक मिलाकर खाने से गैस बनना खत्म हो जाती हैं।

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लहसुन और मुनक्का

एक लहसुन की फांक छीलकर, बीज निकाली हुई मुनक्का 4 नग में लपेटकर, खाने के बाद चबा कर निगल जाए। इस विधि से पेट की रुकी हुई वायु तत्काल निकल जाएगी।

अलसी के पत्ते

अलसी के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से गैस की शिकायत दूर हो जाती हैं।

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अजवायन

अजवायन 2 ग्राम, नामक आधा ग्राम चबाकर खाएं। पेट दर्द और गैस ठीक हो जाएंगी।

हिंगाष्टक चूर्ण

पानी के साथ 5 माशा हिंगाष्टक चूर्ण खाने से सभी प्रकार का वायु विकार दूर होता हैं ।

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लौंग और इलायची

एक लौंग और एक इलायची खाने या नाश्ते के बाद ले लेने पर कभी भी एसिडिटी व गैस नही होती।

पेट की गैस निवारक चटनी

पेट की गैस की बीमारी यदि पुरानी न हो तो पेट की गैस निवारन चटनी के सेवन से लाभ प्राप्त किया जा सकता हैं –

  • 1 मुनक्का (बीज निकालकर) 30 ग्राम
  • 2 अदरक 6 ग्राम
  • 3 सौफ बड़ी 6 ग्राम
  • काली मिर्च 3 ग्राम
  • सेंधा नमक 3 ग्राम

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इन पांचों वस्तुओं को थोड़े पानी मे पीसकर चटनी बना लें। इसे दोनो समय खाने के समय रोटी या चावल के साथ आवश्यकता अनुसार 1-2 चम्मच चटनी की भांति चाटे। आपको पेट की गैस और पेट खराबी में आराम मिलेगा।

गैस की पीड़ा से छुटकारा दिलाने वाले गैसहर चूर्ण

  • एक किलो छोटी हरड़ साफ करके दही की छाछ में फुलाये। (सुबह फूलते छाछ में डाल दीजिए। ) दूसरे दिन सुबह छाछ में से निकालकर पानी से साफ करें।
  • छाया में कपड़े पर डाल कर सूखा ले। जब सुख जाए उसे फिर से छाछ में डालिए। छाछ में डालकर सुखाने में मही की भावना कहते है। इस प्रकार इन हरड़ को मही की 3-4-6 भावनाएं दीजिए।

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  • भावना देने के बाद सुख जाने पर, इन्हें महीन पीस लीजिए। बारीक छलनी से छान लीजिए।
  • इस 1 किलो हरड़ से बनाये गए चूर्ण में पाव किलो अजवायन पीसकर मिला लिजिए। उसके बाद उसमें काला नमक स्वाद अनुसार मिला लीजिए। आपका गैस हरण चूर्ण तैयार हैं।

सेवन विधि

खाने के बाद यह चूर्ण ग्राम पानी के साथ ले। (ठंडे पानी के साथ भी ले सकते हैं)

इसके सेवन से –

  •  गैस की तकलीफ कभी नही होगी।
  • तकलीफ होने पर 5 6 मिनिट में आराम हो जाता हैं।
  • पाचन शक्ति भी बढ़ती हैं।
  • दस्त साफ होते है।
  • गैस का दर्द दूर करने के लिए यह अचूक दवा हैं।

चूर्ण बनाने की दूसरी विधि

इन हरड़ को रेत में भून लीजिए। खूब फूलने दे। इन्हें पीस लीजिए। जल्दी पीस जाती हैं।

चूर्ण बनाने की तीसरी विधि

इस चूर्ण में 60 ग्राम सनाय ( सोनामुखी) की पत्ती को हल्का भूनकर चूर्ण बनाकर डालने से पुराना कब्ज भी हफ्ते भर में ठीक हो जाता हैं। सनाय की पत्ती, बिना भुने डालने से पेट मे मरोड़ आती हैं।

अफारा के लक्षण

पेट फूल जाना, गैस बनना, बदहजमी हो जाना।

उपाय

  • 1 अजवायन, सौफ, कला नमक 10-10 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम बारीक कूट छान कर। 200 ग्राम ताज़े पानी के साथ ले। अफारा ठीक हो जाएगा।
  • 2 काली मिर्च 5 नग पीसकर गोमूत्र के साथ सेवन करने से पेट का अफारा नष्ट हो जाता हैं।
  • 3 हींग को पानी में मिलाकर नाभि पर लेप करने से पेट का अफारा दूर हो जाता हैं।

 

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