भुट्टा ( मकई – Sweet Corn) खाने के अनोखे फायदे…

बरसात के मौसम में भुट्टे का स्वाद दोगुना हो जाता है । हममें से ज्यादातर लोग स्वाद के लिए ही भुट्टा खाते हैं । उपलों पर सिके हुए देशी भुट्टे हों या फिर स्टीम में पके अमेरिकन कॉर्न…दोनों का अपना ही मजा है। हल्की आंच पर पकाया गया भुट्टा बहुत स्वादिष्ट लगता है । लोग इसे नींबू और मसाला लगाकर खाना पसंद करते है ।

आयुर्वेद के अनुसार भुट्टा तृप्तिदायक, वातकारक, कफ, पित्तनाशक, मधुर और रुचि उत्पादक अनाज है। कोलेस्ट्रोल और फाइबर की प्रचुरता के कारण दिल के मरीजों के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है।

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भुट्टे से आप ना केवल कई सारी टेस्‍टी डिश बना सकते हैं बल्कि यह स्‍वास्‍थ्‍य के हिसाब से भी बहुत लाभदायक होता है।

बच्चो के विकास में सहायक – बच्चा जल्दी चलने लगेगा

बच्चों के विकास के लिए भुट्टा बहुत फायदेमंद माना जाता है। ताजे दूधिया (जो कि पूरी तरह से पका न हो) मक्का के दाने पीसकर एक खाली शीशी में भरकर उसे धूप में रखिए। जब उसका दूध सूख कर उड़ जाए और शीशी में केवल तेल रह जाए तो उसे छान लीजिए। इस तेल को बच्चों के पैरों में मालिश कीजिए। इससे बच्चों का पैर ज्यादा मजबूत होगा और बच्चा जल्दी चलने लगेगा।

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गर्भवती महिलाओं के लिए

इस दौरान महिलाओं में कई तरह के खनिज पदार्थों और पोषक तत्वों की भी कमी होने लगती है। गर्भवती महिलाओ में अगर फोलिक एसिड की कमी हो तो जन्म लेने वाला बच्चा कमजोर और कुपोषित हो सकता है । इसलिए उनके लिए मक्के का खाना बोहोत जरुरी हैं । ये होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर साबित होता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसे अपने आहार में जरुर शामिल करना चाहिए। इसका सेवन प्रेगनेंसी में भी बहुत लाभदायक होता है

खून की कमी को पूरा करना

खून की कमी होने की बीमारी को ही हम एनीमिया के नाम से जानते हैं। अनीमिया की बड़ी वहज विटामिन बी12 और फोलिक एसिड की कमी होना है। आयरन नयी लाल रक्‍त कोशिकाओं के निर्माण में बेहद जरूरी होता है। आयरन की कमी भी अनीमिया का कारण हो सकती है। मक्‍का में दोनों की भरपूर मात्रा तो होती ही है, साथ ही इसमें आयरन भी काफी मात्रा में होता है। यदि आप नियमित रूप से मकई का सेवन करें तो इस में पाया जाने वाला विटामिन बी और फोलिक एसिड हमें एनीमिया की बीमारी से बचाने का काम करता है.

दांत मजबूत और जुकाम में फायदा

भुट्टा खाने से दांत मजबूत होते हैं, सबसे पहली बात तो यह है कि बड़ों को साथ-साथ बच्चों को भी भुट्टे अवश्य खिलाने चाहिए इससे उनके दांत मजबूत होते हैं। दूसरी बात कि जब आप भुट्टे खाएं तो दानों को खाने के बाद जो भुट्टे का भाग बचता है उसे फेंकें नहीं बल्कि उसे बीच से तोड़ लें और उसे सूंघें। इससे जुकाम में बड़ा फायदा मिलता है। बाद में इसे जानवर को खाने के लिए डाल सकते हैं।

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कैंसर के उपचार में

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां किसी को भी डरा देती हैं. यदि आप कैंसर से होने वाले खतरे को रोकना चाहते हैं या कैंसर से बचना चाहते हैं. तो आपको मकई का नियमित सेवन करना चाहिए, कई शोध इस बात को प्रमाणित कर चुके हैं कि मक्‍का में पाये जाने वाले एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स कैंसर से बचाने में मददगार होते हैं। यह कैंसर फैलाने वाले फ्री-रेडिकल्‍स से लड़ते हैं और व्‍यक्ति की सेहत दुरुस्‍त रखने का काम करते हैं।

पथरी निकालने के लिए भी फायदेमंद

पथरी निकालने के लिए भी मक्का फायदेमंद है। भुट्टे और जौ को जलाकर राख कर लीजिए। दोनों को अलग-अलग पीस कर अलग-अलग शीशियों में भर लीजिए। एक कप पानी में एक-एक चम्मच मक्का और जौ की राख घोलें फिर छानकर इस पानी को पी लीजिए। इससे पथरी गल जाएगी और पेशाब में जलन नहीं होगी।

मकई की राख – खांसी का उपचार

मकई खाने के बाद जो टुकड़ा बचता है उसको जलाकर राख जमा कर लें और आवश्यकतानुसार श्वांस रोगों मे प्रयोग करें इसमें स्वादानुसार सेंधा नमक मिला लीजिए। हर रोज कम से कम चार बार एक चौथाई चम्मच हल्का गरम पानी के साथ फांक लीजिए। खांसी समाप्त हो जाती है। इससे विशेषकर कुक्कुर खाँसी मे बड़ी राहत मिलती है।

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वजन बढ़ाने में मददगार

कई लोग बेहद दुबले-पतले होते हैं। जिन लोगों का वजन कम है, उनके लिए मक्‍का बेहद फायदेमंद होता है। कम वजन वाले लोगों को सही प्रकार से अपना वजन बढ़ाने के लिए अधिक मात्रा में कैलोरी का सेवन करना पड़ता है। इसके अलावा इसमें कार्बोहाइड्रेट भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। तो अगर आपका वजन कम है, तो आपका मक्‍का का सेवन जरूर करना चाहिए। याद रखिए एक कप मक्‍का में 130 कैलोरी होती है।

खराब कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण में

हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रोल होते हैं। एक खराब कोलेस्ट्रोल और दूसरा अच्छा कोलेस्ट्रॉल, खराब कोलेस्ट्रोल के कारण हमारे दिल में कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्हें दूर करने के लिए मकई करना काफी उपयोगी होता है। स्‍वीट कॉर्न यानी मक्‍का में विटामिन सी, केरोटेनोइड्स और बायोफ्लेवोनॉयड काफी मात्रा में होता है, जो रक्‍त में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा को कम करके रक्‍त प्रवाह को सुचारू बनाता है।

टीबी के इलाज में फायदा

टीबी के मरीजों के लिए मक्का बहुत फायदेमंद है। टीबी के मरीजों को हर रोज मक्के की रोटी खाना चाहिए। इससे टीबी के इलाज में फायदा होगा।

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